Chhattisgarh News - परीक्षा में पेपर लीक और नक़ल जैसे धांधली के लिए छत्तीसगढ़ विधेयक २०२६ पारित
Chhattisgarh News - Chhattisgarh Bill 2026 passed to curb exam malpractices like paper leaks and cheating in CG State
बता दें कि २० मार्च २०२६ को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव से ने विधानसभा में प्रस्तुत किया जिसे पक्ष-विपक्ष दोनों का समर्थन मिला| नए कानून के तहत एक लोक सेवा प्राधिकरण का गठन किया जायेगा, जो छत्तीसगढ़ में होने वाले छत्तीसगढ़ लोक सेवा योग, व्यापमं के साथ-साथ राज्य सरकार के द्वारा कराये जाने वाले विभिन्न विभागीय परीक्षाओं निगरानी करेगा|
एक करोड़ रूपये का जुर्माना और १० साल तक की सजा
नए कानून में धांधली के मामलों में सख्त कानून का प्रावधान किया गया है| इस कानून के अनुसार, यदि कोई संस्थान या सेवा प्रदाता किसी भी प्रकार के पेपर लीक या धोखाधड़ी जैसे कार्य में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर एक करोड़ रूपये तक का जुर्माना और १० साल की सजा हो सकती है
नए कानून के अनुसार क्या-क्या माना जायेगा अपराध?
पेपर लीक करना: पेपर लीक करने का प्रयास, अभ्यर्थी के जगह किसी और को बैठना और परीक्षा में किसी भी प्रकार के एलेक्ट्रोनिस उपकरणों के माध्यम से नक़ल करने और करते पाया जाना अब दंडनीय अपराध माने जायेंगे| सामान्य मामलों में इसके लिए तीन से दस वर्ष तक की जेल और १० लाख रूपये तक का जुर्माने का प्रावधान है|
यदि पेपर लीक या नक़ल जैसे कार्य किसी भी संगठित गिरोह द्वारा किया जाता है, तो इसके लिए जुर्माना एक करोड़ रूपये तक हो सकता है| संगठित अपराध होने कि स्थिति में दोषियों की संपत्ति कुर्क भी की सा सकती है|
नक़ल या अनुचित साधनों का उपयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम निरस्त कर दिया जायेगा और दोषी पाए जाने पर उन्हें एक से तीन वर्ष के लिए किसी भी प्रकार के भर्ती परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकता है|
इस प्रकार के अपराधों की गंभीरता को देखते हुए, जांच उपनिरीक्षक से नीचे रैंक में अधिकारियों द्वारा नहीं की जाएगी| अपराध की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार इन मामलों की जांच किसी विशेष जाँच एजेंसी को भी सौंप सकती है|
सोर्स-गूगल सर्च

Thank You for comment...! will be reflect after approval from Admin.