Health & Lifestyle - हल्की फुल्की खुजली को सामान्य एलर्जी समझ ना करे नजरंदाज, यह रिंगवर्म भी हो सकता है|
सेहत की खबर में आज हम जानते हैं एक प्रकार के फंगल इन्फेक्शन के बारे में| आमतौर पर लोग स्किन पर होने वाली हल्की फुल्की खुजली को सामान्य एलर्जी समझ नजरंदाज कर देते हैं लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि यह एक सामान्य खुजली ना होकर रिंगवर्म हो सकता है|
रिंगवर्म एक तरह का फंगल इन्फेक्शन है, जो संक्रमित व्यक्ति, जानवर और संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से फैलता है| यह शरीर में कहीं भी हो सकता है और यदि समय रहते इलाज न किया जाये तो पूरे शारीर में भी फ़ैल सकता है|
इसलिए सेहत की खबर में आज हम रिंगवर्म के बारे में बात करेंगे और इसके साथ जानेंगे कि -
- रिंगवर्म के लक्षण क्या हैं?
- अगर रिंगवर्म हो तो क्या सावधानियांरखनी चाहिए और क्या गलतियां नही करनी चाहिए?
- क्या इसके घरेलु इलाज भी है या नहीं?
आइये जानते हैं डार्मेटोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. प्रियंका अग्रवाल, सलाहकार, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम से
सवाल - रिंगवर्म क्या है? क्या दाद को ही रिंगवर्म कहा जाता है?
जवाब - रिंगवर्म एक फंगल इन्फेक्शन है, इसमें त्वचा में गोल या छल्ले हैं दाने बना जाते हैं और खुजली होती है| इसे आमतौर पर दाद कहा जाता है|
यह इन्फेक्शन स्किन के सबसे बाहरी परत में मौजूद "डार्मेटोफाइट" फंगस से होता है| यह पैर, कमर, हाथ या चेहरे पर ज्यादा होता है, यही कारण है कि दाद भी अधिकांशतः शारीर के इन्ही हिस्सों में होता है| समय रहते इसका इलाज न किया जाये तो यह धीरे-धीरे शारीर के बाकि हिस्से में भी फ़ैल सकता हैं और साथ में दुसरे भी इससे संक्रमित हो सकते हैं|
सवाल - वार्म मतलब कीड़ा, तो क्या यह किसी कीड़े के कारण होता है?
जवाब - रिंगवर्म नाम से ही ऐसा लगता है कि यह किसी कीड़े के काटने से जुडी समस्या होगी, लेकिन वास्तव में इसका कीड़े से कोई संबंध नहीं है| इस इन्फेक्शन में शारीर में गोल-गोल (रिंग के आकार के) दाग हो जाने के कारण ही इसका नाम रिंगवर्म है| इस प्रकार का इन्फेक्शन नमी और गर्म वातावरण में ज्यादा तेजे से बढ़ता है और संपर्क के माध्यम से दूसरों में भी आसानी से फ़ैल सकता है|
सवाल - रिंगवर्म शारीर के किन हिस्सों में हो सकता है?
जवाब - रिंगवर्म शारीर के कोई भी हिस्से में हो सकता हैं, इसका कोई निश्चित नही की किसी हिस्से में नही होगा| लेकिन यहाँ अधिकतर खुले रहने वाले हिस्सों जैसे पैर, गर्दन, चेहरा, पेट और हाथ में दिखाई देता है| इसके अतिरिक्त यहाँ जांघ के अंदरूनी हिस्सों, और बगल में भी हो सकता है|
सवाल - इसके लक्षण क्या हैं और इसके फैलने के कारण क्या-क्या हैं?
जवाब - अगर शरीर के किसी हिस्से में रिंगवर्म इन्फेक्शन हुआ है,तो आप इसका पता आसानी से लगा सकते हैं| इसके होने के लक्षण में सबसे कॉमन लक्ष स्किन पर गोल या छल्ले जैसे दाग का होना जो लाल या भूरे रंग के हो सकते हैं और किनारों पर हलके उभरे हुए हो और बीच के हिस्सा साफ़ या सुखा दिखे|
यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है, इसके साथ-साथ यह संक्रमित जानवर जैसे कुत्ते, बिल्ली को छूने से भी यह इंसानों में फ़ैल सकता हैं| यह बेहद संक्रामक होता है और यहाँ संक्रमित स्किन को छूने मात्र से भी फ़ैल सकता है| इसके अलावा यह संक्रमित व्यक्ति के कपडे, टॉवेल या बिस्तर उपयोग करने से भी फ़ैल सकता है|
जवाब - रिंगवर्म का रिस्क सबसे ज्यादा इन लोगो को हो सकता है-
- जिनका रोग-प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो|
- जो लोग रेगुलर स्पोर्ट्स एक्टिविटी में रहते हैं |
- छोटे बच्चे जो अपना ख्याल नही रख सकते|
- जो लोग अधिकांश समय जानवरों के देखभाल में रहते हैं|
- जो लोग डायबिटिक हैं|
सवाल - रिंगवर्म के इलाज और इसके रोकथाम के उपाय क्या क्या हैं?
जवाब - रिंगवर्म का इलाज संक्रमण की गंभीरता और संक्रमण के हिस्से के आधार पर निर्भर है| हल्के संक्रमण में एंटीफंगल क्रीम, लोशन या पाउडर के उपयोग से किया जा सकता हैं, जो कुछ हफ़्तों में पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है| लेकिन संकरण सिर, जांघ या शारीर के ऐसे किसी हिस्से में हैं जहाँ हवा का फ्लो बहुत कम है तो ऐसे में डॉक्टर से परामर्श जरुर लें|
इसके रोकथाम के उपाय इसके संक्रमण के तरीके में ही शामिल है जैसे -
- जानवरों में संपर्क में कम रहें और यदि संपर्क में रहते हुए ही कार्य करते हो तो शरीर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें|
- टाइट कपडे कम पहने जिससे शरीर को उचित हवा मिलती रहे|
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर उनसे दूरी बनाकर रखे|
- गर्मी के दिनों में पसीना आने पर दिन में दो बार स्नान करने कि आदत डालें|
नोट - इस लेख में दी गयी जानकारी पढ़ें लेकिन अगर इस तरह Health & Lifestyle की किसी भी समस्या के उपचार के पहले डॉक्टर या अपने कंसलटेंट से जरुर कंसल्ट करे और स्वयं ही उपाय करने की कोशिश न करें| सावधानी, स्वछता और जागरूक रहने से ही इससे निजात पाया जा सकता हैं| धन्यवाद्
यह जानकारी आपको कैसी लगी इसके बारे में अपने विचार जरुर रखें और कमेंट करके हमें बताएं|


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